Last UPDATE: October 8, 2014 at 5:43 am

ਕਰਜੇ ਵਿੱਚ ਡੂਬੇ ਕਿਸਾਨ ਵਲੋ ਖੁਦ ਖੁਸੀ

: बढ़ते खेती खर्च , कम होती जमीन और ज्यादा मुनाफा न होने के चलते किसानी अब फायेदेमंद दानदा नही रहा है जिसके चलते पंजाब में किसान की हालत तरसयोग बनती जा रही है और ज्यादातर किसान कर्जे तले दबे हुए है कर्ज न लौटा पाने के चलते पंजाब के हजारो किसान आत्महत्याएं कर चुके है लेकिन इसके बावजूद भी प्रदेश और केंद्र सरकार मौत के मुहं में जा रहे इन कर्ज तले दबे किसानो के लिए कोई ठोस कदम नही उठा रही है ।।। पेश है कर्जे में दब चुके और मौत का ग्रास बन रहे बेचारे देश के अन्दाता किसान की दर्द भरी कहानी ।।।।

वौइस् १ : : पंजाब को अनाज की टोकरी कहा जाता है क्योंकि पंजाब में मुख्य धंधा खेती होने के चलते जहाँ के ज्यादातर लोग खेती करते है और इसी पंजाब के किसान ने अपनी कड़ी मेहनत से पूरे देश को अनाज के क्षेत्र में आत्म निर्भर बना दिया है किसान ने अपनी मेहनत से इतना अनाज पैदा कर लिया है कि इसको रखने के लिए भी जगह की कमी महसूस होने लगी है लेकिन इसके बावजूद भी किसान की हालत तरसयोग बनी हुयी है बढ़ते खेती खर्च ,सिंकुडती जमीन और कम मुनाफे के चलते किसान को अपना घर और खेत का खर्च पूरा न कर सकने के चलते किसान की स्थिति लगातार गिरती जा रही है किसान लगातार बेंको और आढतियों से कर्ज लेकर अपना खर्च चलाने की कोशिश करता है लेकिन अंत में जब कर्ज नही उतार पाता तो आत्महत्या कर लेता है पंजाब में भी हजारो किसान कर्ज में डूब कर पिछले कुछ सालो में मौत को गले लगा चुके है लेकिन पंजाब और केंद्र सरकार लाख दावों के बावजूद किसानो की स्थिति को सुधार नही पा रही ।।।
वौइस् २ : आज हमारी टीम ने भी जब पंजाब में जिला संगरूर के गांवो का दौरा किया तो हालात बेहद विस्फोटक नजर आये ।।।आत्महत्या करने वाले किसानो के परिवार आज भी कर्ज तले दबे है उनकी आज भी जमीने बेंको और आढतियों के पास गिरवी पड़ी है वही दूसरी तरफ उन्हें सरकार की तरफ से भी कोई राहत नही मिली है अगर यह ही हालातरहे तो आने वाले दिनों में कर्ज के चलते जान दे चुके किसानो के परिवार भी अपनी जाने दे सकते है
वौइस् ३ : कोहरियाँ गाँव में कर्ज में दबे एक पीड़ित परिवार ने अपनी दर्द भरी दास्तान सांझा करते हुए बताया कि पहले उनके पास कई एकड़ जमीन थी लेकिन इसके बाद ऐसा काल चक्र आया कि उनका परिवार कर्ज में डूब गया जो जमीन थी वो गिरवी हो गयी और कर्ज से तंग आकर उनके बेटे सुखविंदर ने मौत को गले लगा लिया
बाईट १ :कर्नल सिंह
बाईट २: दरबारा सिंह
वौइस् ४ : एक अन्य कर्ज में दुबे किसान परिवार के तो आंसू रुकने का नाम नही ले रहे ।।। परिवार के मुताबिक उनके पास ५ एकड़ जमीन थी लेकिन आज उनकी हालत ऐसी हो गयी है कि सारी की सारी जमीन गिरवी पड़ी है उनके बेटे चमकौर सिंह ने २००५ में कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली थी और मज़बूरी में वो ठेके पर जमीन लेकर गुजारा करने के लिए मजबूर है

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